पढ़ाई में रहे फिसड्डी, 4 बार इंटरव्यू राउंड में आकर हुए रिजेक्ट, नहीं मानी हार आज हैं IPS

New Delhi: सिविल सेवा परीक्षा देश की सबसे कठिन प्रशासनिक परीक्षाओं में गिनी जाती है और जब आप इस परीक्षा में प्री और मैन्स पास कर इंटरव्यू में रिजेक्ट हो जाते हैं तो ये काफी पैनफुल होता है। आज जिस आईपीएस ऑफिसर की कहानी हम आपको बताने जा रहे हैं उनके साथ ऐसा एक नहीं, दो नहीं चार बार हुआ। लेकिन ये सफलताएं उनका मनोबल नहीं तोड़ पाईं। इस आईपीएस ऑफिसर का नाम है संदीप कुमार मीणा। संदीप ने लगातार चार असफलताओं के बाद 2017 की यूपीएससी परीक्षा पास की। जिसमें उनकी रैंक के हिसाब से उन्हें आईपीएस पोस्ट अलोट हुई। उनकी ये कहानी प्रेरणा है उन छात्रों के लिए जो असफलताओं से लड़कर अपने लक्ष्यों को साधना चाहते हैं। आइए विस्तार से जानते हैं संदीप की जर्नी और स्ट्रेटजी के बारे में।

यूपीएससी परीक्षा में इंटरव्यू तक पहुंच कर सफलता न मिलना किसी के लिए भी पीड़ादायी हो सकता है। ये दर्द संदीप ने चार बार तक सहा। संदीप रास्थान के रहने वाले हैं। उनकी 10वीं तक की पढ़ाई उनके गांव दौसा में ही हुई। उनके गांव के स्कूल का शिक्षा का स्तर ज्यादा अच्छा नहीं था जिस कारण इसके बाद उनके माता पिता ने उनकी आगे की पढ़ाई के लिए उन्हें जयपुर भेज दिया। वो बताते हैं कि यहां उनका रहन सहन और पढ़ाई के प्रति समर्पण कम होने लगा। इसका सीधा प्रभाव उनके रिजल्ट पर पड़ा। लेकिन इसके बाद भी उन्होंने अपनी पढ़ाई पर कोई खास ध्यान नहीं दिया। परिणाम ये हुआ कि वो 10वीं के बाद से लेकर अपनी ग्रेजुएशन तक सैकेंड और कभी थर्ड डिवीजन से पास होते रहे।संदीप ने जैसे तैसे ग्रेजुएशन पूरी की लेकिन इसे पूरा करने के बाद भी उनके करियर उनकी पढ़ाई के आगे प्रश्नचिन्ह ही लगा रहा।

संदीप के परिवार का उन्हें लेकर सपना था कि वो अफसर बने। और अब तो वो इसके लिए योग्य भी हो गए थे। अब उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी लेकिन घर पर बिना कोचिंग उन्हें ये सपोर्टिव नहीं लगा। उन्होंने अपने घरवालों से दिल्ली आकर तैयारी करने को कहा तो घरवाले राजी नहीं हुए क्योंकि वो पहले ही उनके घर से दूर जाकर पढ़ाई करने के अनुभवों से वाकिफ थे। किसी तरह संदीप ने घरवालों को इसके लिए राजी किया और दिल्ली आ गए। अब उन्होंने तैयारी शुरू कर दी। दिन-रात मेहनत करके वे अटेम्पट पर अटेम्पट देते गए और हर बार सफलता के एकदम नजदीक आकर असफल होते रहे। संदीप ने साल 2013 से परीक्षा देनी शुरू की और 2017 तक हर साल वे प्री, मेन्स पास करके इंटरव्यू राउंड तक पहुंचे पर सेलेक्ट नहीं हुए। इतनी असफलताओं के बाद भी संदीप ने हार नहीं मानी और अपनी कमियों पर काम किया। अंततः साल 2017 में संदीप का सेलेक्शन हुआ और उन्हें उनका मनचाहा आईपीएस पद मिला। ये उनका पांचवा प्रयास था।

संदीप बताते हैं कि वो पढ़ाई में ज्यादा अच्छे नहीं रहे लेकिन यूपीएससी में एक दो बार फेल होने पर उन्होंने ये सीखा कि वो मेहनत करें तो इस परीक्षा को निकाला जा सकता है। उन्होंने अब इस परीक्षा को पास करना अपना लक्ष्य बना लिया। उन्हें मिलने वाली हर असफलता उनके लिए गाल पर तमाचे की तरह थी जिसे खाकर उनका अपने लक्ष्य के प्रति समर्पण और भी बढडता जाता थाा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *