गुड न्यूज : बिहार से बाहर रहनेवाले लोगों को बिग-बॉस्केट पहुंचायेगा जर्दालू आम और शाही लीची

New Delhi : बिहार की पहचान शाही लीची और जर्दालु आम के शौकीन लोगों के लिए यह अच्छी खबर हो सकती है। खासकर उन लोगों के लिए जो मेट्रो सिटी में रहते हैं और अपने सूबे के इन स्वादिष्ट खाद्य सामग्री का उपयोग मनचाहे ढंग से नहीं कर पाते हैं। दूसरे राज्यों के लोग भी बिहार के इन दो उत्पादों को बहुत पसंद करते हैं। इनकी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बिहार सरकार ने बिग बास्केट से करार किया है। बिग बास्केट होम डिलिवरी एप पर ये दोनों खाद्य उत्पाद उपलब्ध होंगे। बिग बास्केट भारत का सबसे बड़ा ग्रॉसरी और फूड प्रोडक्ट‍्स होम डिलिवरी एप है। लॉकडाऊन में शाही लीची और जर्दालू आम को डोर- टू डोर उपलब्ध कराने की प्लानिंग को अंतिम रूप दे दिया गया है।

कृषि विभाग उड़ान, देहात, और बिग बास्केट को जोड़ रहा है। कृषि मंत्री अमरेन्द्र प्रताप सिंह ने गुरुवार को कहा है कि उपभोक्ताओं के घर पहुंचने वाला यह फल प्राकृतिक रूप से पका हुआ होगा। यह बाजार की तुलना में ज्यादा गुणवत्तापूर्ण होगा। इसी हफते पहली बार शाही लीची का एक्सपोर्ट इंग्लैंड के लिए शुरू हुआ है। इस कदम को लेकर बिहार के कृषि क्षेत्र में बेहद क्रांतिकारी मान रहे हैं।
कृषि मंत्री ने जर्दालू आम और शाही लीची के किसानों को इस कोरोना काल में बाजार की व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए सचिव कृषि डा. एन सरवण कुमार और उद्यान निदेशक नंद किशोर के प्रयासों की भी सराहना की। योजना के अंतर्गत किसान उत्पादक कम्पनियों को बाजार के साथ जुड़ने के साथ-साथ उद्यानिक फसलों की प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने में भी सहयोग दिया जा रहा है। बाजार से जुड़ते समय इस बात का विशेष ध्यान दिया जा रहा है कि किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिले। बिहार राज्य उद्यानिक उत्पाद विकास योजना के तहत 15 महत्वपूर्ण उद्यानिक फसलों के प्रोडक्शन से लेकर मार्केट उपलब्ध कराने तक की व्यवस्था की जा रहा है। इस योजना में 22 जिलों में 23 किसान उत्पादक कम्पनियों का गठन किया गया है।
कृषि मंत्री अमरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि जर्दालू आम और शाही लीची से जुड़े किसान उत्पादक समूहों को उद्यान निदेशालय में गठित तकनीकी सहयोग समूह के माध्यम से बिग बास्केट, देहात और उड़ान जैसी संस्थाओं से जोड़ने का प्रयास किया गया है। इस तरह बिहार के विशिष्ट उत्पाद देश के उपभोक्ताओं तक पहुंच सकेगा। मंत्री ने कहा कि शाही लीची और जर्दालू आम बिहार के गौरव हैं। इनको भौगोलिक सूचकांक जीआई टैग प्राप्त हैं।

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