जबलपुर में आमों की रखवाली।

सूर्य के अंडे की सुरक्षा पर चार गार्ड और छह डॉग : कीमत और किस्म जानकर होश उड़ जायेंगे

New Delhi : कोई अपने आमों की सुरक्षा को लेकर इतने कड़े इंतजाम कर सकता है, यह सोचकर ही लोग दंग हो जा रहे हैं। लोगों को समझ ही नहीं आ रहा कोई व्यक्ति अपने गिनती के 7 आमों की सुरक्षा के इतने व्यापक इंतजाम करके क्यों रख रहा है? तो बात है थोड़ी विचित्र लेकिन सौ फीसदी खड़ी। मध्य प्रदेश के जबलपुर में फला यह आम बेशकीमती है और दुनिया के सबसे महंगे आमों में शुमार है। कहा जा रहा है कि यह आम जापान की मियाजाकी है, जो लाल रंग का होता है। हैरत वाली एक बात और है कि एक-एक आम के एक व्यापारी 21 हजार रुपये देने को तैयार भी है, फिर भी इस पेड़ के मालिक का कहना है कि मैं आम नहीं बेचूंगा। उसने इन 7 आमों की सुरक्षा में चार गार्ड और 6 कुत्तों के इंतजाम कर रखे हैं। आम के दो ही पेड़ हैं जिन पर 7 आम आये हैं।

 

आम की यह प्रजाति दुर्लभ है। यह जापान का लाल रंग वाला आम मियाजाकी है। इसे सूर्य का अंडा भी कहते हैं। दुनिया के सबसे महंगे आम का दर्जा इसी किस्म को मिला हुआ है। इस आम को लेकर पेड़ मालिक का दावा है कि पिछले साल अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसे 2.70 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से बेचा गया था। पेड़ मालिक संकल्प परिहार ने तीन साल पहले जबलपुर में अपने बगीचे में इस आम के दो पौधे लगाये थे, जिसे चेन्नई के एक व्यक्ति ने दिया था। इनको आम की इस बड़ी कीमत के बारे में कुछ नहीं पता था। पहले इस दंपत्ति को लाल रंग के दो आम के फल दिखाई दिये। जब उन्होंने इसके किस्म के बारे में पता लगाया तो उन्होंने पाया कि यह मियाजाकी आम है, जो पिछले साल अंतरराष्ट्रीय बाजार में 2.70 लाख रुपये प्रति किलो बिक रहा था। जब यह कहानी पिछले साल बाजार में फैली तो चोरों ने बाग पर हमला कर दिया। उन्होंने पेड़ के दो फल चुरा लिये। पेड़ मालिक किसी तरह पेड़ को बचाने में कामयाब हो गये।
दरअसल संकल्प को तीन साल पहले ट्रेन में एक व्यक्ति ने उनको ये पौधे दिये। संकल्प ट्रेन से आम के पौधे खीदने के लिये चेन्नई ही जा रहे थे। पौधे देनेवाले ने बच्चों की तरह पौधों की देखभाल करने के लिये कहा। पिछले साल जब इस आम के फल निकले तो वो सामान्य आम से बेहद अलग थे। पेड़ मालिक का कहना है कि चूंकि मैं आम का नाम नहीं जानता था, इसलिए मैंने अपनी मां के नाम पर उसका नाम दामिनी रख दिया। परिहार ने कहा – अब आम की खेती करने वाले और फल प्रेमी मुझसे संपर्क कर रहे हैं। फलों के एक व्यापारी रमेश तनेजा ने मुझे एक आम के लिये 21000 रुपये देने की पेशकश की है, जबकि मुंबई के जौहरी इस आम के लिए बड़ी कीमत देने को तैयार हैं। मगर मैंने साफ तौर पर कहा है कि हम इसे किसी को नहीं बेचेंगे। हम फल का उपयोग अधिक पौधे उगाने के लिए करेंगे।
बागवानी विभाग के सेवानिवृत्त निदेशक जीएस कौशल ने कहा कि अफगानिस्तान की नूरजहां के बाद यह जापानी आम स्वाद के कारण नहीं कीमत के कारण सुर्खियों में है। मैंने कुछ स्थानीय वैज्ञानिकों से कहा कि वे जाकर पेड़ और फलों का निरीक्षण करें ताकि यह पता चल सके कि यह असली है या हाईब्रिड है और यह इतना महंगा क्यों है।

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