नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी और भाई सौमेंदु पर राहत सामग्री चोरी की एफआईआर, सुवेंदु के दो करीबी बंदी

New Delhi : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता और पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी और उनके भाई सौमेंदु अधिकारी के खिलाफ कांथी नगर पालिका कार्यालय से कथित तौर पर राहत सामग्री चोरी करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार कांठी नगर प्रशासनिक बोर्ड के सदस्य रत्नदीप मन्ना की शिकायत पर अधिकारी बंधुओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। 1 जून को कांथी पुलिस स्टेशन में मन्ना की शिकायत में लिखा गया- 29 मई 2021 को दोपहर 12:30 बजे सुवेंदु अधिकारी एवं उनके भाई एवं कांठी नगर पालिका के पूर्व नगर प्रमुख सौमेंदु अधिकारी के निर्देशानुसार शासकीय त्रिपाल जिसका अनुमानित मूल्य लगभग लाख रुपए है, को अवैध रूप से ताले खोल कर नगर पालिका कार्यालय के गोदाम से जबरदस्ती छीन लिया गया। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि भाजपा नेताओं ने कथित चोरी में सशस्त्र केंद्रीय बलों का इस्तेमाल किया।

एक जून को भाजपा विधायक सुवेंदु अधिकारी और उनके भाई सौमेंदु अधिकारी के खिलाफ कथित तौर पर राहत सामग्री चोरी करने की शिकायत पर पूर्वी मिदनापुर के कोंटाई पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज की गई है। कोंटाई नगर पालिका के बोर्ड ऑफ एडमिनिस्ट्रेटर के सदस्य रत्नदीप मन्ना ने लिखित शिकायत देते हुये आरोप लगाया कि 29 मई को आधिकारिक गोदाम से तिरपाल का एक ट्रक ले लिया। आरोप लगाया कि यह कृत्य टीएमसी से भाजपा नेता बने सुवेंदु अधिकारी और सौमेंदु अधिकारी के नेतृत्व में एक आपराधिक साजिश का परिणाम था।
इस शिकायत के आधार पर, सुवेंदु अधिकारी, सौमेंदु अधिकारी, हिमांगशु के खिलाफ ‘कोंटाई पीएस केस नंबर 198/21 डीटी 1.06.21 यू/एस 448/379/409/120बी आईपीसी आर/डब्ल्यू 51/53 आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 में आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने प्रताप डे को गिरफ्तार कर लिया है और उसे आगे की पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस द्वारा अब तक एकत्र की गई खुफिया जानकारी के अनुसार, आरोपी व्यक्तियों द्वारा ली गई राहत सामग्री को नंदीग्राम में चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों में वितरित किया गया था।
इस बीच शनिवार को पुलिस ने फर्जी नौकरी रैकेट घोटाले में पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी के एक और करीबी को गिरफ्तार किया है। सुजीत डे नाम के एक व्यक्ति द्वारा पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के बाद राखल बेरा को गिरफ्तार किया गय। सुजीत ने आरोप लगाया कि उसने बेरा और उसके साथी चंचल नंदी को 2 लाख रुपये दिये थे, जिन्होंने शिकायतकर्ता को सिंचाई और जलमार्ग मंत्रालय में नौकरी देने का वादा किया था। दोनों ने कथित तौर पर 2019 में रैकेट शुरू किया था। पूर्वी मिदनापुर पुलिस नंदी और अधिकारी के एक अन्य सहयोगी हिमांशु की तलाश में है।

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