Image Source : tweeted by @BCCI

दीपक चाहर बोले- राहुल सर को मेरी बैटिंग पर विश्वास है और इसने मुझे परफॉर्म करने के लिये प्रेरित किया

New Delhi : भारत के तेज गेंदबाज दीपक चाहर जो श्रीलंका के खिलाफ दूसरे वनडे में अप्रत्याशित रूप से बल्लेबाजी कर नायक बन गये ने मंगलवार को कहा कि कोच राहुल द्रविड़ के उनकी बल्लेबाजी में विश्वास ने उन्हें अपनी टीम के लिये मैच जिताने वाली पारी खेलने के लिये प्रेरित किया। चाहर बल्लेबाजी क्रम में अधिक कुशल भुवनेश्वर कुमार से आगे आये, जब भारत ने 276 रनों का पीछा करते हुये अपने छह विकेट 160 रन पर गंवा दिये। अंत में, दोनों ने नाबाद 84 रन की साझेदारी कर भारत को तीन विकेट से जीत दिलाई। चाहर बोले- देश के लिए मैच जीतने का इससे बेहतर तरीका नहीं हो सकता। राहुल सर ने मुझे सभी गेंदें खेलने के लिये कहा। मैंने भारत ए (जब द्रविड़ कोच थे) के साथ कुछ पारियां खेली हैं और मुझे लगता है कि उन्हें मुझ पर विश्वास है।

चाहर ने मैच के बाद कहा – उन्होंने मुझसे कहा कि उन्हें लगता है कि मैं नंबर 7 बनने के लिये काफी अच्छा हूं। उन्हें मुझ पर विश्वास है। उम्मीद है कि आने वाले मैचों में मुझे बल्लेबाजी नहीं करनी पड़ेगी। जब हम 50 रन के करीब आये तब मुझे विश्वास था कि हम जीत सकते हैं। इससे पहले यह गेंद दर गेंद थी। मैंने इसके बाद कुछ जोखिम उठाये। इस मैच से पहले, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनका सर्वोच्च स्कोर 12 था। उन्होंने कहा- वहां गर्मी थी, हमने वहां अच्छा प्रदर्शन किया। दो विकेट मिले। हम उन्हें 270 (वास्तव में 275) पर रोकने में कामयाब रहे। यह इस विकेट पर एक अच्छा स्कोर था। मेरे दिमाग में केवल एक ही चीज चल रही थी, इस तरह की पारी का मैं सपना देख रहा हूं। देश के लिये मैच जीतने का इससे बेहतर तरीका नहीं हो सकता।
भारत ने पहले एकदिवसीय मैच में जीत हासिल की थी, लेकिन मंगलवार को जीतने के लिये भारत को ऐड़ी चोटी का जोर लगाना पड़ा। कप्तान शिखर धवन ने कहा कि यह टीम के युवाओं के लिए अच्छा सबक है। हम स्कोर का पीछा कर जीत लेने के लिये आश्वस्त थे, लेकिन हमने अच्छी शुरुआत नहीं की। यह उनके लिये एक अच्छा सबक था। इस तरह के मैचों में हम एक टीम के रूप में बहुत कुछ सीखने जा रहे हैं और वे सीखेंगे कि इस तरह के खेलों को कैसे संभालना है। .सभी ने अपनी क्षमताएं दिखाईं। संभावनाएं कम थीं लेकिन हम जानते थे कि चाहर नेट्स में अच्छी बल्लेबाजी कर रहे हैं। उनकी दिमाग की उपस्थिति, उनकी गणना। मैंने महसूस किया कि जिस तरह से श्रीलंका ने अपनी पारी, बल्लेबाजी और गेंदबाजी की योजना बनाई – उन्होंने स्पिनर को जल्दी लाया – और जिस तरह से उन्होंने क्षेत्ररक्षण किया वह देखने और सीखने के लिये अच्छा था। उन्होंने बहुत मेहनत की लेकिन खुशी है कि हम जीत गये।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *